खेल ताश का हो या जिंदगी का, अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो...

 खेल ताश  का हो,

या जिंदगी का, 

अपना इक्का तब ही दिखाना

 जब  सामने बादशाह  हो...




Khel Taash Ka Ho

 Ya Jindagi Ka,

Apna Eikka Tab Hi Dikhana

 Jab Samne Badshah ho..



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