चमक उस सूरज की नहीं है, वो तो मेरे किरदार की है| बात ये मेरे लफ्जों की नहीं है, आसमान के अखबार की है|

चमक उस सूरज की नहीं है,

वो तो मेरे किरदार की है|

बात ये मेरे लफ्जों की नहीं है,

आसमान के अखबार की है|


Chamak us suraj ki nahi hai,

Wo to mere kirdar ki hai|

Bat ye mere lafjon ki nahi hai,

Aasman ke akhbar ki hai|


चमक उस सूरज की नहीं है,

वो तो मेरे किरदार की है|

बात ये मेरे लफ्जों की नहीं है,

आसमान के अखबार की है|


Chamak us suraj ki nahi hai,

Wo to mere kirdar ki hai|

Bat ye mere lafjon ki nahi hai,

Aasman ke akhbar ki hai|

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